परिचय
दिव्यांग छात्रों के लिए
अधिकार, मदद और योजनाएँ
ज़रूरी बातें
- 1भारत का दिव्यांगता क़ानून (RPwD Act 2016) 21 तरह की दिव्यांगता को मानता है: न देख पाने और न सुन पाने से लेकर ऑटिज़्म, सीखने में कठिनाई (Learning Disability), थैलेसीमिया और सेरेब्रल पाल्सी (CP) तक।
- 240% या उससे ज़्यादा दिव्यांगता ("बेंचमार्क दिव्यांगता") होने पर बड़े अधिकार मिलते हैं: 18 साल तक मुफ़्त पढ़ाई, सरकारी कॉलेजों में 5% सीटें, 4% सरकारी नौकरियाँ, और परीक्षा में राइटर (स्क्राइब) व अतिरिक्त समय।
- 3पहला क़दम हमेशा UDID कार्ड है: ऑनलाइन आवेदन करें, सरकारी अस्पताल में जाँच करवाएँ। इसी कार्ड से लगभग हर योजना का रास्ता खुलता है।
- 4बहुत से दिव्यांग बच्चे चुपचाप पढ़ाई छोड़ देते हैं। स्कूल और घर पर सही मदद मिले, तो ऐसा होना ज़रूरी नहीं।
आधिकारिक स्रोत
इस शाखा में
नियम हर साल बदलते हैं: आवेदन से पहले आधिकारिक वेबसाइट ज़रूर देखें।
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