परिचय
साइकोलॉजी और काउंसलिंग
मानसिक स्वास्थ्य में करियर
ज़रूरी बातें
- 1साइकाइट्रिस्ट एक डॉक्टर (MBBS + MD) होता है जो दवा लिख सकता है। क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट जाँच करता है और थेरेपी से इलाज करता है, और उसके लिए RCI की योग्यता और रजिस्ट्रेशन चाहिए। काउंसलर रोज़मर्रा की परेशानियों में लोगों की मदद करता है।
- 212वीं के बाद BA या B.Sc साइकोलॉजी किसी भी स्ट्रीम वालों के लिए खुली है, पर सिर्फ़ इससे आप साइकोलॉजिस्ट नहीं बनते।
- 3क्लिनिकल रास्ते में अब 12वीं के बाद लगभग 6 साल लगते हैं: 4 साल की डिग्री, फिर 2 साल का मास्टर इन क्लिनिकल साइकोलॉजी (जो M.Phil की जगह ले रहा है)।
- 4RCI रजिस्ट्रेशन के बिना ख़ुद को क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट कहना अपराध है। छोटे ऑनलाइन "थेरेपिस्ट सर्टिफ़िकेट" काफ़ी नहीं हैं।
आधिकारिक स्रोत
इस शाखा में
नियम हर साल बदलते हैं: आवेदन से पहले आधिकारिक वेबसाइट ज़रूर देखें।
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