परिचय
खेल में करियर
मैदान से पदक तक
ज़रूरी बातें
- 1भारत अब युवा खिलाड़ियों को ढूँढने और ट्रेनिंग देने पर बहुत पैसा ख़र्च करता है: खेलो इंडिया, SAI सेंटर और TOPS योजना कोचिंग, खाना, रहना और पढ़ाई का ख़र्च उठाते हैं।
- 2किसी खेल में अच्छे होने से आपको सरकारी नौकरी (स्पोर्ट्स कोटा), कॉलेज में सीट, या कोच, PE टीचर, फ़िज़ियो या ट्रेनर का करियर भी मिल सकता है।
- 3बहुत कम लोग पूरे समय के पेशेवर खिलाड़ी बन पाते हैं। समझदारी का रास्ता है खेल के साथ पढ़ाई, ताकि हर दरवाज़ा खुला रहे।
- 4लड़कियों का हर खेल में स्वागत है, उनकी अपनी लीग (ASMITA) और सुरक्षा के नियम भी हैं।
आधिकारिक स्रोत
इस शाखा में
नियम हर साल बदलते हैं: आवेदन से पहले आधिकारिक वेबसाइट ज़रूर देखें।
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